बेस्ट 5 रियल हॉरर स्टोरी हिंदी में 2021 | खौफनाक हॉरर स्टोरी

हमने आपके लिए real ghost stories in hindi को कलेक्ट किया है। यह ghost stories hindi me में पढ़ने के बाद आप भी भूत से डरना शुरू कर सकते है।

ऐसी कहानी लिखी है जो सच्ची बहुत की कहानी है। यानी real ghost stories हिंदी में।

यह ghost stories hindi की कहानी आसान भाषा में लिखा गया है ताकि आपको पढ़ने में कोई दिक्क्त न हो।

आसान भाषा मलतब आसान शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। इसलिए आपको पढ़ने और समझने दोनों में आसानी होगी।

यह कहानी भी पढ़े: प्रेम कहानी हिंदी में

सच में भूत आया hindi ghost stories

real ghost stories in hindi
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हेल्लो, दोस्तों यह ज्यादा पुरानी कहानी नहीं है। एक दिन एक लड़का जो कि एक कंपनी में काम किया करता था। उसे किसी भी बहुत प्रेत पर कोई विश्वास नहीं था।

वह भूत प्रेत को बस दिमाग का भर्म मानता था। एक दिन उसके कंपनी में कुछ काम बढ़ गया था। जिसके कारण उसे घर वापस आने में देर हो गया। वह अपने ऑफिस से देर रात को निकला।

वह अपने बाइक से था। कुछ दूर चलने के बाद उसका बाइक ख़राब हो गया। अब वह अपनी बाइक को पैदल ही लेकर चल दिया।

कुछ दूर के बाद उसे एक बस स्टॉप दिखा। वह कुछ देर वहाँ रुक गया। उसके पास एक साधु आकर बैठ गया।

साधु अपने पास एक बीड़ी रखा हुआ था। वह अजीब तरीके से उसे पी रहा था। उस लड़के की एक आदत थी कि वह किसी से भी बात करना शुरू कर देता था।

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वह इस साधु से भी बात करने लगा। बात ही बात में इस लड़के ने कहा, बाबा! मैं किसी भी भूत प्रेत को नहीं मानता हू। बस सब झूठी बातें है।

साधु ने कहा, तुम भले ही भूत प्रेत को मानों या फिर न मानों लेकिन तुम यह न कहो कि भूत प्रेत नहीं होते है। यह सब कुछ होते है।

इस पर उस लड़के को थोड़ी सी हंसी आ गई। उसने कहा, भूत होते है तो क्यों हमें नहीं दिखते है। क्या आप मुझे अभी कोई भूत दिखा सकते है।

साधू को लग गया कि अब इसे जरूर ही भूत दिखाना होगा। साधू ने लड़के को श्मशान घाट की ओर चलने को कहा। फिर क्या था वह दोनों चल दिए।

रास्ते में उस लड़के को थोड़ा डर लगने लगा। फिर भी वह अपने डर को कम करके आगे बढ़ते जा रहा था।

कुछ देर के बाद वह श्मशान घाट पहुंच गए। श्मशान घाट में अभी कुछ लासे जल रही थी। साधू ने उसको एक ऐसे स्थान पर बैठाया जहा कुछ समय पहले की लास जली थी।

साधु ने जमीन में एक लोहे का कील गाड़ दिया। उसमे एक सफ़ेद धागा बांध दिया। इस धागे का अंतिम छोर उस लड़के को पकड़ने को कहा।

अब उस लड़के को हद से ज्यादा डर लग रहा था। उसकी साँस तेज हो रही थी। इसके साथ ही उसके हाथ-पैर भी काँप रहे थे। फिर भी उसने धागे को पकड़ लिया।

साधु ने कुछ बतासा को चार जगह पर रख दिया। सारे बतासे उस धागे की पास ही एक लाइन में रखे हुए थे। उसके बाद साधु ने लड़के को सावधान किया। अभी कुछ आत्मा इसको खाने को आएगी।

जब तक वह इसको खाकर चले न जा जाए तब तक तुम अपने हाथ के धागे को मत छोड़ना। यदि तुम ऐसा करते हो तो तुम्हे नुकसान हो सकता है। फिर साधु से मंत्र पढ़ना शुरू कर दिया।

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कुछ मंत्र पढ़ने के बाद साधु ने उस लड़के को आँख बंद करने को कहा। फिर कुछ देर के बाद ही आँख खोलने को कहा।

जब उस लड़के ने आँख खोला तो वह जो देख रहा था। उसे उसके ऊपर विश्वास ही नहीं हो रहा था। वास्तव में वहाँ चार आत्मा थी. जो कि बतासे को खा रही थी।

लेकिन जब उसने यह देखा कि उसके पड़ोस में रहने वाले व्यक्ति की आत्मा भी वहा है। जो की कुछ दिन पहले ही मर गए थे। तो उसके हाथ से धागा छूट गया।

अब वहाँ पर वह साधु भी नहीं था। वह लड़का तेजी से श्मशान घाट से अपने घर की ओर भागने लगा। जब वह अपने घर की ओर जा रहा था तो उसे पीछे से कोई उसका नाम लेकर बुला रहा था।

उसको पीछे से कई तरह की आवाज आ रही थी। उस लड़के ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा।

अपने घर जाने के बाद उसने यह सब कुछ अपने माता-पिता से बताया। फिर वह अपने कमरे में सो गया।

अगले दिन उसकी आँख उसी श्मशान घाट में खुली और उसी स्थान पर जहा पर उसने आत्मा को देखा हुआ था। इसके बाद वह दिमागी तौर पर बीमार रहने लगा।

राजस्थान का रहस्यमय मंदिर

मित्रों आज मैं आप सभी लोगों को राजस्थान की एक रहस्यमय जगह के बारे में बताने जा रहा हूं। जिससे लोग आज तक बेखबर हैं।

हम में से कई लोगो ने इसके बारे में सुना ही होगा पर इस मंदिर के बारे में अलग-अलग कहानियां बनाई जाती है। इस मंदिर के बारे में ऐसा कहा जाता है कि शाम ढलने के बाद इस मंदिर में कोई रुकता नहीं.

और इसके आस-पास घूम भी नहीं सकता। क्योंकि जो भी इसके अंदर या आस-पास शाम ढलने के बाद जाता है। तो वह इंसान पत्थर में बदल जाता है।

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इसमें कितना झूठ या कितनी सच्चाई है। यह तो आप लोगों को वहां जाकर ही पता चलेगा।

आप लोगों को मैं इस रहस्यमय जगह के इतिहास के बारे में बताने जा रहा हूं। कि किराडू मंदिर राजस्थान के बाड़मेर जिले के हाथमा गांव में स्थित है।

जिसे 11वीं शताब्दी में बनाया गया था। यह मंदिर इतना सुंदर बना है। कि इस मंदिर को राजस्थान का खजुराहो कहते हैं। लेकिन 900 साल पुराना यह मंदिर की तरफ कई लोगों का ध्यान नहीं गया है।

जिसके कारण यह मंदिर गुमनाम अंधेरों में छिपा हुआ है। यह मंदिर में एक मंदिर शिवजी का है. और दूसरा मंदिर विष्णुजी का है।

इस मंदिर की दीवारों पर कलाकृतियां बनी हुई है। जो आपको इतिहास की याद दिला देगी। इस मंदिर के इतिहास के बाद इस मंदिर के रहस्य के बारे में बताते हैं।

वहां के लोगों के अनुसार आज से करीब 900 साल पहले यह किराडू में परमार वंश का राज्य हुआ करता था।

उस समय में एक दिन एक साधु अपने कुछ शिष्यों के साथ यहां पर रहने को आए थे. और यहां पर कुछ दिन बिताने के बाद उन्होंने सोचा कि थोड़ा और घूमने का निश्चय किया। एक दिन वह शिष्यों को बिना बताए रात को कहीं पर निकल पड़े।

उनके जाने के कुछ दिनों बाद सारे शिष्य बीमार हो गए और उन्होंने गांव वालों से मदद मांगी तो गांव वाले लोगों ने उनकी मदद नहीं की।

केवल एक कुम्हारिन ने निस्वार्थ भाव से उनकी सेवा की। जिससे उनका स्वास्थ्य ठीक हो जाए। साधु घूमने के बाद उसी जगह पर पहुंचे। तो उन्होंने अपने शिष्यों को कमजोर हालत में देखकर बहुत गुस्सा हो गए।

उन्होंने सारे गांव वालों से कहा कि जिस जगह पर इंसान-इंसान की मदद नहीं करता।

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तो उनको जीने का क्या हक है. और तभी उन्होंने पूरे गांव को पत्थर बनने का श्राप दे दिया। शिष्यों की सेवा करने वाली कुम्हारिन को इससे अछूते रखा और शाम ढलने से उसे यहां से बिना पीछे मुड़े इस गांव से निकलने को बोला।

लेकिन उस महिला ने गलती से पीछे देख लिया और वह भी पत्थर की मूर्ति बन गई।

नजदीक गांव वालों के पास आज भी उस कुम्हारी की मूर्ति है। इसलिए प्राचीन समय में लोग हमेशा साधु महात्माओं को खुश रखते थे।

इस श्राप के बाद कोई भी शाम ढलने के बाद उस मंदिर में नही जाता।

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चुड़ैल से शादी करने को उतारू ghost story

चुड़ैल से शादी करने को उतारू ghost stories in hindi
चुड़ैल से शादी करने को उतारू ghost stories in hindi

यह एक सत्य और आंखों देखी घटना है। हमारा गांव गोंडा जिले में पड़ता है । यह उस समय की बात है। जब गांव में 18-19 साल की उम्र में सब लड़को की शादी हो जाती थी।

उनमें से एक मेरा मित्र रमाकांत भी है। उसकी शादी 3 साल पहले हो चुकी थी. और अब उसका गौना भी आ गया था। उसकी बीवी बहुत निडर थी।

इसको मैं निडर इसलिए बता रहा हूं कि उसकी निडरता एक दिन बहुत भारी पड़ गई थी।

3-4 साल पहले तक गांव की अधिकतर औरतें सुबह – सुबह उठकर लोटा लेकर नित्यक्रीया के लिए कोई खेत में तो कोई खुले मैदान में जाती थी।

वो भी जब गांव के पुरूष लोग सो रहे हो तब जाती थी। कुछ दिन बीत गया।

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तो अब रमाकांत को एक सुंदर सी बेटी हुई। बेटी अभी 8 महीने की थी। उस समय उसकी बीवी सुबह-सुबह अकेले उठकर खेत में चली गई.

और अपने सासू मां को या फिर अपनी जेठानी को भी नहीं जगाया। वह अकेले ही चली गई।

क्योंकि वह तो बहुत निडर थी। लेकिन उस समय वह ना तो हाथ में चक्कू और ना ही माचिस लिया। जिस घर को बच्चा पैदा होता है।

उसके एक साल तक उस घर की औरत को बाहर अकेले नहीं भेजा जाता।

वह भी सुबह-सुबह बिना किसी को साथ लिए। क्योंकि उस औरत पे भूत प्रेत इन लोगों का साया जल्दी पड़ता है।

लेकिन वह अकेले गई थी। तभी वहां बेल का पेड़ लगा था। उस पर एक चुड़ैल घूम रही थी। जो इसके साथ नहीं आना चाहती थी।

लेकिन फिर भी वह आ गई। जब रमाकांत की औरत खेत से आई तो लौटा फेंककर पलंग पर बैठकर गाना गाने लगी।

बगल में ही खाट पर लेटी हुई उसकी बच्ची जोर-जोर से रो रही थी। लेकिन वह तो गाने में व्यस्त थी। इसीलिए उसे सुनाई नहीं दिया।

इतना देखकर रमाकांत चिल्लाने लगा। कि बेटी को उठाओ क्या तुम्हें सुनाई नहीं दे रहा है। कि वह रो रही है। फिर भी बीवी ने जवाब नहीं दिया।

तब तक रमाकांत की भाभी आ गई. और वह समझ गई कि यह कौन है? और रमाकांत को इशारा किया कि जाओ दादा जी को बुला लाओ।

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इतना सुनते ही रामाकांत समझ गया कि मेरी बीवी के ऊपर कोई चुड़ैल का साया है। तभी भाभी ने दादाजी का नाम लिया।

तब तो रामाकांत पलंग पर बैठ कर दादागिरी झाड़ने लगा और बोला कि तुम कौन हो? यहां पर क्यों आई हो?

क्या तुम मुझसे शादी करना चाहती हो? (तब तक गांव की कुछ औरतें और कुछ पुरुष मजा लेने के लिए इकट्ठा हो गए) चुड़ैल ने कहा कि मुझमें तुम्हें क्यों दिलचस्पी हो रही है।

क्यों मुझसे शादी करने के लिए आतुर हो।

तो रमाकांत झट से बोला कि मैं कुछ काम धंधा तो करता नहीं। लेकिन अगर तुम साथ रहोगी तो धन दौलत लाती रहोगी। चुड़ैल ने हंसकर बोला ऐसा कुछ नहीं होता।

हमारे में भी कोई ना कोई मुखिया जरूर रहता है। जो धन दौलत की रखवाली करता है। तुम चाहो तो हमारी दुनिया में चलो।

तब मैं तुम्हें सब कुछ दूंगी पर अभी नहीं क्योंकि तुम जीवित हो। रमाकांत समझ गया कि अब मेरे हाथ कुछ नहीं आने वाला है।

तो उसने बोला कि ब्राह्मण परिवार में आते हुए तुम्हें डर नही लगा। (और नीचे बैठे हुए सब लोग मजे लेते हंस रहे थे) तब तक दादाजी भी आ गए और बोला कि यहां से सब लोग हट जाओ और अपने-अपने घर जाओ।

इतने में रमाकांत की बीवी भी पलंग से नीचे उतर कर सिर पर पल्लू डाल दिया और चुड़ैल भी चली गई। तब रामाकांत मन ही मन बड़-बडाने लगा।

कि इनको भी अभी आना था। अगर थोड़ी देर बाद आते तो क्या पता मैं भी मालामाल हो जाता। बेचारा रमाकांत बहुत दुखी हो गया।

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औरत और लड़की की आत्मा horror story

औरत और लड़की की आत्मा ghost story in hindi
औरत और लड़की की आत्मा ghost story in hindi

यह एक चौका देने वाली घटना है । जो 1950 मे घटी हुई थी। उत्तर प्रदेश के रानी बाजार गांव में एक रामप्रकाश तिवारी नाम का आदमी रहता था।

उसकी 5 साल की लड़की थी। उसे कैंसर की बीमारी थी और उसकी कई जगह से इलाज कराने के बाद भी वह जिंदा ना बच सकी।

रात के 1:00 बजे उसकी मौत हो गई । उसी रात को एक दूसरे गांव में मोहिनी नाम की एक औरत की ट्रक से टकराने की वजह से मौत हो गई।

मृत के परिवार वाले लोगों ने उस औरत का दाह संस्कार कर दिया। दूसरी तरफ जब रानी बाजार में उस मृत लड़की को दफन करने के लिए जंगल में जा रहे थे।

अचानक रास्ते में उसकी शरीर में कुछ हलचल हुई और वह उठ खड़ी हो गई।

लोग यह देखकर डर गए। लेकिन बाद में उस लड़की को जिंदा देखकर उसके परिवार वाले लोग बहुत खुश हो गए। लेकिन लोगों को यह पता नहीं था।

कि उस लड़की के शरीर को किसी और की आत्मा ने जकड़ लिया है। उस 5 साल की लड़की के अंदर मोहिनी की आत्मा घुस चुकी थी।

वह अलग जगह पर आकर बहुत दुखी और परेशान हो गई थी। उसका खाना खाने में भी मन नहीं लगता था।

लेकिन उसकी मां उसे अपने हाथों से खाना खिला देती थी। एक दिन वह लड़की अपनी मां के साथ उसके मामाजी के घर जा रही थी और रास्ते में अचानक वह जगह आई जहां मोहिनी की ट्रक से मौत हो गई थी।

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उस बच्ची ने अपनी मां को इशारा करके बताया कि यह रास्ता उसके गांव की तरफ जाता है। उसकी मां ने उसकी बातों को अनसुना कर दिया और अपने मामाजी के घर पहुंच गई।

उसके मामाजी के घर के पास मोहिनी के गांव की एक औरत सिमरन किसी काम से आई हुई थी। मोहिनी की आत्मा ने उसको पहचान कर उसको आवाज देने लगी।

सिमरन को लड़की के मुंह से अपना नाम सुनकर आश्चर्य हुआ।

सिमरन के पूछने पर उस लड़की ने उसको अपनी पूरी घटना बता दी और बोली कि मेरी मौत से पहले ही मेरे घर वालों ने मुझे जला दिया और इस बच्ची की खाली शरीर को देखकर इसमें रहने लगी।

जब सिमरन ने यह बात सुनी तो उसने अपने गांव जाकर सारे गांव वाले लोगों को यह बात बता दी और उसका पूरा परिवार मोहिनी से मिलने आ गया।

उस लड़की ने सब को पहचान लिया और वह अपने पूरे परिवार के साथ अपने गांव चली गई और उसने वापस रानी बाजार आने के लिए मना कर दिया।

लेकिन लोगों के समझाने पर वह मान गई। इस तरह वह दोनों परिवारों के साथ रहने लगी। इस कहानी से पता चलता है।

कि कभी किसी की अधूरी इच्छा पूरी ना हुई हो तो उसकी आत्मा किसी और के शरीर में जा सकती है।

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यहाँ पर हम ऐसी ही भूत-प्रेत की कहानी लिखते रहते है। आपको यह बहुत की कहानी कैसी लगी। आप इसके बारे में हमें बता भी सकते है।

भूतिया कहानी को पढ़ना और जानना बड़ा ही दिलचस्प होता है। इसलिए हम सब भूतिया कहानी पढ़ना पसंद करते है।

ध्यान दें: यह सब कहानी काल्पनिक है। इन कहानी से किसी भी व्यक्ति और स्थान से कोई सबंध नहीं है।

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