चालाक लोमड़ी और बकरी की कहानी Clever fox and goat story in hindi

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चालाक लोमड़ी और बकरी की कहानी (Clever fox and goat story in hindi) भी बहुत पुरानी कहानी भी है। एक बार की बात है। कही दूर किसी जंगल में एक बार काफी गर्मी पड़ रही थी। जंगल के छोटे तालाब सुख चले थे। एक लोमड़ी जो उस जंगल में ही रहती थी। उसको काफी ज्यादा प्यास लगा था। वह पानी को इधर-उधर खोज रही थी। तभी उसे एक कुआ दिखाई दिया।

जब वह लोमड़ी उस कुए के पास पहुची और उसके अंदर झाक कर देखा तो उसे उस कुए में पानी दिख गया। तभी उसका पैर फिसल गया और वह कुए में जा गिरी। वह कुए में गिराने के बाद रोने लगी और सोचने लगी की अब वह बाहर कैसे निकले। तभी उसकी आवाज एक बकरी को सुनाई दिया। यह बकरी उसी कुए के पास से जा रही थी।

आवाज सुनने के बाद बकरी ने कुए में देखा। जब उसने कुए में देखा तो उसे उस कुए के पानी में लोमड़ी नजर आई। बकरी ने कहा, लोमड़ी बहन तुम इस कुए में क्या कर रही हो। इस पर लोमड़ी के दिमाग में एक योजना बना।

उस लोमड़ी ने बकरी से कहा, बाहर काफी गर्मी है। इसलिए मैं इस कुए के अंदर हु और इसके साथ ही इस कुए का पानी काफी ठंडा और मीठा है। अगर तुमको यकीन ना हो तो तुम खुद आकर देख लो। यह बात सुनकर बकरी ने कुछ जाने और समझने की कोशिश ना किया।

वह तुरंत उस कुए में कूद गई। कुए में कूदने के बाद उसने कुए का पानी पिया। कुए का पानी सच में बहुत मीठा था। इसके बाद बकरी ने लोमड़ी से कहा, बहन हम बहार कैसे निकलेंगे। इस पर लोमड़ी ने कहा, पहले तुम मुझे सहारा दे दो ताकि मै बाहर निकल जाऊ। फिर मैं तुम्हे बहार निकाल लुंगी।

इस बात पर बकरी तैयार हो गई। इस तरह से वह चालाक लोमड़ी (Clever fox) उस कुए से बहार आ गई। बकरी ने आवाज दिया, बहन मुझे भी बहार निकालो। इस पर लोमड़ी ने कहा, मैं तुम्हे बाहर कैसे निकलू। तुम्हे कुए के अंदर जाने से पहले यह सोचना चाहिए था। यह कह कर लोमड़ी वहा से चली गई और बकरी कुए के अंदर रोने लगी।

इस कहानी से हमें सिख मिलता है की हम हमेशा किसी के कहने पर नहीं कर चाहिए। किसी भी काम को करने से पहले उसके बारे में सोचना और समझना जरुरी होता है।

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