a success story for students in hindi छात्रों के लिए एक सफलता की कहानी

अगर आप success story को पढ़ना पसंद करते है तो हमने आपके लिए एक काफी अच्छी success story लिखी है। जब आप यह success story पढ़ेगे तो आपको काफी मोटिवेशन मिलेगा।

सफलता का रहस्य success story

डॉ . सुधीर का इकलौता बेटा था – रोहित। घर में पैसे की कमी तो थी नहीं इसलिए रोहित खुले हाथ से पैसा खर्च करता। उसका मन पढ़ने में कम और खेल कूद में ज्यादा लगता था।

गर्मियों की छुट्टियां जब भी होती तो रोहित के पापा उसको अपने छोटे भाई के यहाँ देहरादून भेज दिया करते थे। जहाँ वह अपने चचेरे भाई-बहनों के साथ मिलकर गर्मियों की छुट्टियों का खूब आनन्द उठाता.

एक दिन रोहित अपने चचेरे भाई के साथ घूमने निकला। रोहित को चलते चलते प्यास लगी। वह इधर-उधर पानी की तलाश करने लगा। आखिर रोहित ने देखा कि एक लड़का पानी के मटके रखकर बैठा है। रोहित उस तरफ बढ़ा।

पास जाकर देखा कि लड़का किताब पढ़ रहा है. उसे देखते ही रोहित किसी सोच में पड़ गया । उसे लगा कि उसने उस लड़के को कहीं देखा है। उसे याद आया कि यह वही लड़का है जिसने इस साल बोर्ड की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है । अखबार में उसका फोटो सहित परिचय छपा था.

रोहित ने उस लड़के से पूछा- आपका नाम क्या है?
लड़के ने बताया कि उसका नाम मोहन है । वह एक निर्धन परिवार से है । गर्मियों की छुट्टियों में यहाँ आकर पर्यटकों को पानी पिलाता है । इन पैसों से वह अपनी किताबे और कापियां खरीदता है .

रोहित ने पूछा- मोहन बोर्ड की परीक्षा में प्रथम आने का आपके पास क्या गुर है ?
यह सुनकर मोहन धीरे से मुस्कुराया और बोला- परिश्रम करके । खैर ! परिश्रम तो सभी करते हैं , पर मेरा ढंग कुछ अलग ही है।

यह कहते हुए मोहन ने अपने हाथ की किताब रोहित को दिखाते हुए कहा- यह देखो अगली कक्षा की किताब । मैं गर्मियों की छुट्टियां खेल – कूद में नहीं बिताता बल्कि अगली कक्षा की किताबें पढ़कर बिताता हूँ और मैं सिर्फ छुट्टियों में ही नहीं बल्कि सालभर अपना नियमित अध्ययन जारी रखता हूँ ।

तथा हर काम का मैने समय निश्चित कर रखा है । समय पर उठना , समय पर सोना , समय पर भोजन करना , समय पर व्यायाम और नियमित अध्ययन ये सब मेरी दिनचर्या के हिस्से हैं.

मोहन की बात का रोहित पर ऐसा प्रभाव पड़ा कि उसका जीवन एकदम बदल गया । अब रोहित अनावश्यक समय बर्बाद नहीं करता बल्कि वह नियमित पढ़ाई करता और एक दिन आया जब वह भी बोर्ड की परीक्षा में अच्छे नम्बरों से पास हुआ.

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moral of the success story इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है की हमें नियमित रूप से सारे कार्य करना चाहिए.

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