बेस्ट हिंदी कहानी छोटे छोटे बच्चों के लिए ज्ञान और सीख के साथ हिंदी भाषा में

यह सब Hindi Kahani हिंदी में लिखी हुई है। कहानी भी बहुत से प्रकार की होती है। यह सब कहानी बच्चो के लिए है। छोटे-छोटे बच्चों के लिए कहानियां वह कहानी होती है जो कहानी छोटे बच्चे पढ़ सके। छोटे-छोटे बच्चों के कहानियां बड़े बच्चे भी पढ़ सकते है।

बच्चो के पास ज्ञान नहीं होता है। वह हर एक चीज के बारे में नहीं जाते है। लेकिन हिंदी कहानी और बच्चो के हिंदी कहानी से उन्हें बड़े आसानी के साथ सीख दिया जा सकता है।

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1.मेहनत का फल- कहानी छोटे बच्चों के लिए

Hindi kahani  मेहनत का फल
Hindi kahani मेहनत का फल

बहुत पुरानी बात है । एक बरगद के पेड़ पर एक कौआ रहता था । कौआ कामचोर था । उसने पेड़ पर अपना घोंसला बनाया । जल्दबाजी और कामचोरी के कारण उसका घोंसला मजबूत नही बना । कुछ दिनों बाद उस पेड़ पर रहने के लिए एक बया आई । बया बहुत मेहनती थी । वह अपना घोंसला उस पेड़ पर बनाने लगी।

वह कही दूर से सरकंडे की पतली सींक लाती थी और अपनी तेज चोंच से उसे चीर कर सावधानी से घोंसले में बनुती थी । इस तरह करते देखकर कौए ने उसका मजाक बनाया और बोला , ” इस तरह घोंसला बनाओगी तो सारी उम्र बीत जाएगी ।

“कौए की बात सुनकर बया ने बोला की ” भैया मेरी माँ ने मुझे लगन और मेहनत के साथ काम करने की सीख दी हैं । “
यह सुनकर कौआ बया पर हँसने लगा । बया ने कौए की बात को अनसुना कर दिया और अपना काम करती रही । अगले दिन जाकर उसका घोंसला पूरा हुआ । अब बया उसमें रहने लगी ।
दिन बीतने लगें ।

एक दिन बड़े जोर की आँधी आई । छोटे – छोटे पेड़ टूटकर गिर गए । कौए का घोंसला भी उड़कर बिखर गया । कौए ने पेड़ के कोटर में छिपकर अपनी जान बचाई । जब आँधी रूकी तो कौआ बया के घोंसले के पास गया ।

उसका घोंसला सही सलामत अपने स्थान पर मौजूद था । कौए को अब अपनी गलती का एहसास हुआ उसने बया से कहा , ” बया मैने मेहनत से जी चुराया और तुम्हारा मजाक उड़ाया , उसके लिए मुझे माफ कर देना । मै तुम्हारी सीख जीवनभर याद रखूगा ।

कहानी से सीख– हमें कभी मेहनत से जी नही चुराना चाहिए ।

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2.सच्चा साथी

hindi kahani सच्चा साथी
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एक समय की बात है । एक जंगल में बहुत से पशु – पक्षी साथ – साथ रहते थे । उसी जंगल में एक पीपल के पेड़ पर बहुत से पक्षियों ने अपना घोंसला बना रखा था । वे सभी आपस में बड़े प्यार से मिलजुल कर रहते थे । मोर – मोरनी का एक जोड़ा भी उस पेड़ पर रहता था । पेड़ की कोटर में तोता – तोती का एक जोड़ा भी रहता था ।
एक दिन वर्षा ऋतु आते ही आसमान में काले – काले बादल छा गए और गरज – गरज कर शोर मचाने लगे ।

मोर काले बादलों को देखकर अपने पंखों को फैलाकर नाचने लगा । मस्ती में मोरनी भी फुदकने लगी । तभी मोर को तोते की घबराहट भरी रे रे सुनाई पड़ी । उसने नाचना छोड़कर ऊपर देखा । सभी पक्षी इधर – उधर शोर मचाते भाग रहे थे । तोता अब और भी भयभीत होकर टे – टें करने लगा । मोर को लगा तोता मुसीबत में है , वह उसे बुला रहा है । उसने सोचा – उसे तोते की मदद करनी चाहिए ।

मोर उड़कर ऊपर टहनी पर गया । मोर ने देखा- एक काला साँप तोते के कोटर की ओर बड़ रहा था ।साँप कोटर के समीप पहुँचने ही वाला था कि मोर साँप पर झपटा । उसने साँप की  पोछ अपनी चोंच से पकडी और नीचे आकर ज़मीन पर दे मारी ।

चोट से साँप की चीख निकल गई । वह गुस्से में मारने वाले की ओर पलटा किंतु सामने मोर को फिर से प्रहार के लिए तैयार देखकर डर गया ।

वह जान बचाकर तेजी से भागा और अपने बिल में घुस गया ।
तोते ने मोर को धन्यवाद दिया । सभी पक्षी आकर मोर की प्रशंसा करने लगे ।

कहानी से सीख– हमें मुसीबत के समय में सदैव एक – दूसरे की मदद के लिए तैयार रहना चाहिए 

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3. सर्कस का जोकर- कहानी छोटे बच्चों के

Hindi kahani सर्कस का जोकर
Hindi kahani सर्कस का जोकर

रोहित कल अपने मम्मी – पापा के साथ सर्कस देखने गया । सर्करा में एक जोकर जिनकी नाक टमाटर जैसी लाल और गोल – गोल थी वे साइकिल पर उल्टे बैठकर साइकिल चला रहे थे । उनके करतब बहुत हँसाने वाले थे ।

एक ओर से भालू जी कुर्ता – पजामा पहने आ रहे थे । भालू जी के सिर पर मोर बैठा हुआ था । मोर की पीठ पर तोता बैठा हुआ था ।
जोकर जी की साइकिल भालू जी से टकरा गई । जोकर जी धड़ाम से गिरे । टकराव में जोकर जी के ऊपर मोर गिरा । तोता घबराकर उड़ गया । तोता उड़ते – उड़ते जोकर जी की टोपी ले गया । जोकर जी उठने की कोशिश में लगे और फिर धड़ाम से गिरे । जिसको देखने के बाद सब जोर – जोर से हँसने लगे ।

जोकर जी उठे । सिर पर हाथ फेरा । देखा , टोपी गायब थी । भालू जी ने गुस्से में जोकर जी के बाल खींचे । जोकर जी के नकली बाल भालू जी के हाथ में आ गए । जोकर जी कभी तोते के पीछे भागते तो कभी भालू जी के पीछे । भागते – भागते गिरते , फिर उठकर भागते । भागते रहे भागते ही रहे । सब लोग तालियाँ बजाते रहे । बजाते ही रहे ।

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सर्कस का जोकर हमारे जीवन में पल – भर की खुशियाँ देता है । इसलिए हमें उनकी उपेक्षा नहीं करनी चाहिए । 

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4. मस्ती के दिन hindi kahani

hindi kahani मस्ती के दिन
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रविवार , छुट्टी का दिन । आज किसी को भी काम पर नहीं जाना था । सब मौज – मस्ती करना चाहते थे । बिल्ली बोली- चलो आज हम सब पिकनिक मनाते है  चूहा , चिड़िया , चीटी सभी एक स्वर में बोल पड़े- हाँ हाँ , चलो पिकनिक मनाएं । आज कुछ अच्छा बनाएँ ।

बिल्ली बोली- मैं दूध लाऊँगी । चूहा बोला- मैं चावल लाता हूँ । चींटी ने कहा- मैं चीनी ले आऊँगी । चिड़िया बोली- मैं ईधन चुन लाती हूँ । सबने कहा- चलो .. आज खीर बनाएँ । बरगद के पेड़ के नीचे सभी अपना – अपना सामान लेकर पहुंचे । सबने मिलकर आग जलाई ।

बिल्ली ने पतीले में दूध को गरम किया । ‘ चूहे ने चावल साफ कर गरम दूध में डाले ।
दूध में चावल पकने लगे । थोड़ी देर में ही खीर की खुशबू  यहाँ – वहाँ फैलने लगी । खीर को खुशबू से सभी के मुँह में पानी आने लगी |

चीनी डालते हुए बिल्ली बोली लो खीर तैयार हो गई ।
चूहा बोला- मुझसे तो अब रहा नहीं जाता । थोड़ा चखने को जी चाहता है । चिड़िया ने डाँट लगाई – थोड़ा धीरज रखो , जीभ जल जाएगी ।

थोड़ी देर में सब खाने बैठे । खाते – खाते सब बोल पड़े- वाह ! कितनी स्वादिष्ट खीर बनी है । कितनी बढ़िया खीर है ! आज तो मजा ही आ गया।

कहानी से सीख– हमें हमेशा एक साथ मिलकर काम करना चाहिए ।

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सभी Hindi Kahani नया है और मजेदार भी। सभी Hindi Kahani के अंत में आपको उस हिंदी कहानी का सिख मिल जाएगा। ताकि आप समझ सके की इस हिंदी कहानी की क्या सिख है।

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This all kahani in hindi is written in hindi language for kids.

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